Valsad Online
Join Telegram Valsad ValsadOnline
Inspiration Religion

“जो लोग काम को बोझ समझते हैं, उन्हें न तो सफलता मिलती है और ना ही उनका मन शांत होता है”

success-how-to-get-success-peace-of-mind-inspirational-story-Valsad-ValsadOnline

काम कैसा भी हो, अगर हम उसे बोझ मानकर करेंगे तो हमारे मन को न तो शांति मिलेगी और ना ही उस काम में उम्मीद के अनुसार कामयाबी मिल पाएगी। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। जानिए ये कथा…

कथा के अनुसार पुराने समय में एक संत अपने शिष्यों के साथ धर्म प्रचार करने के लिए यात्रा कर रहे थे। इस दौरान में अलग-अलग जगहों पर रुकते और लोगों को उपदेश देते थे। एक दिन वे ऐसी जगह पहुंचे, जहां कुछ निर्माण कार्य चल रहा था।

संत उस जगह पर पहुंचे तो वहां कई मजदूर पत्थरों को तराश रहे थे। एक मजदूर से संत ने पूछा कि यहां क्या बन रहा है?

वह मजदूर गुस्से में था। उसने जोर से कहा कि मुझे नहीं मालूम, आगे जाओ बाबा।

संत वहां से आगे बढ़ गए। वे दूसरे मजदूर के पास पहुंचे। उससे भी संत ने पूछा कि यहां क्या बनेगा?

दूसरे मजदूर ने कहा कि गुरुजी मुझे इस बात से क्या मतलब, यहां कुछ भी बने। मैं यहां सिर्फ मजदूरी के लिए काम कर रहा हूं। दिनभर काम करने के बाद शाम को पैसे मिल जाते हैं।

संत वहां से आगे चल दिए। अब वे एक और मजदूर के पास पहुंचे। तीसरे मजदूर से भी संत ने यही पूछा कि इस जगह पर क्या बन रहा है?

तीसरे मजदूर ने संत को प्रणाम किया और बोला कि गुरुजी यहां मंदिर बन रहा है। गांव में मंदिर नहीं था। अब पूजा करने के लिए दूसरे गांव नहीं जाना पड़ेगा।

संत ने उससे फिर पूछा कि क्या तुम्हें इस काम में खुश मिलती है?

मजदूर बोला कि मंदिर बनने से मैं बहुत खुश हूं। मुझे इस काम में बहुत आनंद मिलता है। छेनी-हथौड़ी की आवाज में मुझे संगीत सुनाई देता है।

ये बात सुनकर संत ने अपने शिष्यों से कहा कि जो यही सुखी जीवन का सूत्र है। जो लोग अपने काम को बोझ मानते हैं, वे हमेशा दुखी रहते हैं और जो लोग अपने काम को प्रसन्न होकर करते हैं, वे हमेशा सुखी रहते हैं। अगर हम अपना नजरिया बदल लेंगे तो जीवन में सुख-शांति के साथ ही सफलता भी मिल सकती है।

Related posts

बुरी आदत

ValsadOnline

Get Connected Now

ValsadOnline

Know Yourself

ValsadOnline
Chai-Sutta-Bar-Valsad-Valsad-ValsadOnline