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ऑपरेशन ब्लू स्टार की शुरुआत, जो इंदिरा गांधी की हत्या की वजह बना |

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भारतीय सेना ने आज ही के दिन 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार शुरू किया था। पंजाब के अमृतसर में स्थित हरिमंदिर साहिब यानी स्वर्ण मंदिर परिसर पर खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों ने कब्जा कर लिया था। स्वर्ण मंदिर को खालिस्तानियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए शुरू हुआ ये ऑपरेशन 3 दिनों तक चला। इसमें 500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। इनमें सेना के जवान और अधिकारी भी शामिल थे।

कहा जाता है कि देश के बंटवारे के बाद सिखों को भारी नुकसान हुआ। आधा पंजाब पाकिस्तान में चला गया और साथ ही सिखों का पवित्र शहर लाहौर भी। इससे आहत सिखों के बीच भी एक अलग राष्ट्र की मांग जोर पकड़ने लगी। 1966 में भाषा के आधार पर पंजाब से हरियाणा को अलग कर दिया गया। साथ ही केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ भी बना। 1980 के दशक में ‘खालिस्तान’ के तौर पर स्वायत्त राज्य की मांग जोर पकड़ने लगी। इसे खालिस्तान आंदोलन का नाम दिया गया और इसी के साथ जरनैल सिंह भिंडरावाला की लोकप्रियता भी बढ़ने लगी।

धीरे-धीरे आंदोलन हिंसक होता गया। स्थिति काबू से बाहर होने पर केंद्र सरकार ने पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगा दिया। साल 1983 में पंजाब के डीआईजी अटवाल की स्वर्ण मंदिर परिसर में ही हत्या कर दी गई। इसी साल भिंडरावाला ने स्वर्ण मंदिर को अपना ठिकाना बना लिया। वहां उसने हथियार इकट्ठा करना शुरू कर दिए और स्वर्ण मंदिर को खुद के लिए एक किले में बदलने की तैयारी शुरू कर दी।

अब भिंडरावाला सरकार के निशाने पर था। सरकार ने स्वर्ण मंदिर को आतंकियों के कब्‍जे से मुक्‍त कराने के लिए ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार प्‍लान किया, जिसकी जिम्मेदारी कमांडर मेजर जनरल कुलदीप सिंह बरार को सौंपी। 3 जून को सरकार ने सेना के कमांडोज को स्वर्ण मंदिर में भेजा। खालिस्तानियों की तैयारी सरकार की उम्मीद से कहीं ज्यादा थी, इसलिए ऑपरेशन में टैंक का इस्तेमाल करना पड़ा। भारी गोलीबारी के बाद आखिरकार भिंडरावाला मारा गया और 7 जून को स्वर्ण मंदिर पर भारतीय सेना का नियंत्रण हो गया।

इस ऑपरेशन ने सिख समुदाय में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ गुस्सा पैदा कर दिया, जिसका नतीजा केवल 4 महीने बाद ही सामने आ गया। 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख सुरक्षाकर्मियों ने हत्या कर दी।

3 जून को इतिहास में और किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है…

2014: एक सड़क हादसे में कैबिनेट मंत्री गोपीनाथ मुंडे का निधन हो गया।

2009: मीरा कुमार को लोकसभा स्पीकर चुना गया। वे लोकसभा की पहली महिला स्पीकर बनीं।

1999: कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सीमा में चले गए फ्लाइट कैप्टन नचिकेता राव को पाकिस्तान ने भारत को सौंपा।

1965: एड व्हाइट स्पेस में चलने वाले पहले अमेरिकी एस्ट्रोनॉट बने।

1962: एयर फ्रांस की फ्लाइट 007 ओर्ली एयरपोर्ट पर क्रैश हो गई। विमान में सवार 132 यात्रियों में से 130 की मौत हो गई।

1930: पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस का जन्म।

1924: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि का जन्म हुआ।

1915: ब्रिटिश सरकार ने रवीन्द्रनाथ टैगोर को नाइटहुड की उपाधि से नवाजा। जलियांवाला बाग कांड के विरोध में टैगोर ने ये उपाधि लौटा दी थी।

1890: खान अब्दुल गफ्फार खान का जन्म हुआ।

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