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आज का इतिहास : 3 साल के करियर में शोहरत कमाकर अलविदा कह गईं दिव्या भारती

दिव्या भारती। एक ऐसी एक्ट्रेस जिसने काफी कम उम्र में बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। एक के बाद एक हिट देकर बड़ी और स्थापित हीरोइनों को चुनौती दी। तीन साल में 20 फिल्में कर शोहरत पाई। शादी की और सिर्फ 19 साल की उम्र में दुनिया से रुखसत हो गईं।

1990 के दशक में बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग और मासूम चेहरे के दम पर दिव्या ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था। कम उम्र थी, इसलिए बॉलीवुड की गुड़िया भी उन्हें कहा गया। 25 फरवरी 1974 को जन्मी दिव्या भारती की मौत 5 अप्रैल 1993 को संदिग्ध हालात में हुई थी। दिव्या की मौत को आज 28 साल पूरे हो गए हैं। मुंबई पुलिस 1998 में ही मौत की जांच से जुड़ा केस बंद कर चुकी है। पुलिस ने यह मानकर केस खत्म कर दिया कि यह एक हादसा था।

दिव्या किसी फिल्मी परिवार से नहीं थीं। पिता ओमप्रकाश भारती बीमा कंपनी में अफसर थे और माता मीता भारती एक गृहिणी। दिव्या ने 9वीं क्लास तक ही पढ़ाई की। 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर मॉडलिंग शुरू कर दी थी।

गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने दिव्या को अपनी फिल्म ‘राधा का संगम’ के लिए साइन किया था। मगर किसी कारणवश दिव्या को फिल्म से बाहर किया गया और उनकी जगह जूही चावला ने अदाकारी की। दिव्या ने तेलुगू फिल्म ‘बोब्बिली राजा’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की। फिल्म सुपरहिट रही और इसने दिव्या को साउथ फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार बना दिया। तब राजीव राय ने ‘विश्वात्मा’ में दिव्या को सनी देओल के अपोजिट कास्ट किया। इस फिल्म का ‘सात समंदर पार मैं तेरे पीछे-पीछे आ गई.’ गाना आज भी लोकप्रिय है।

1992 में दिव्या की फिल्मों ने उन्हें शोहरत के बड़े मुकाम पर पहुंचा दिया था। शाहरुख खान ने दिव्या के साथ ही 1992 में ‘दीवाना’ फिल्म से डेब्यू किया। उस समय दिव्या महज 18 साल की थीं। फिल्म जबरदस्त हिट हुई। बाद में फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला से शादी कर दिव्या ने सबको चौंका दिया था।

बताया जाता है कि साजिद से शादी के बाद दिव्या अक्सर तनाव में रहती थीं। इसी तनाव की वजह से उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था। जिस रात उनकी मौत हुई, उस रात भी वह शराब के नशे में थीं।

रिपोर्ट्स के अनुसार 5 अप्रैल 1993 को दिव्या चेन्नई से मुंबई के वर्सोवा स्थित घर लौटी थीं। उन्हें हैदराबाद जाना था, पर पैर में चोट की वजह से शूटिंग टाल दी गई थी। फैशन डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति डॉ. श्याम लुल्ला के साथ दिव्या के घर पहुंची थीं। तीनों मिलकर शराब पी रहे थे। घर में दिव्या की मेड अमृता भी थी। दिव्या लिविंग रूम की खिड़की पर बाहर की तरफ पैर कर बैठी थीं। इस पर ग्रिल नहीं लगी थी। यह पार्किंग की ओर खुलती थी। उठने की कोशिश में हाथ फिसला और वह 5वीं मंजिल से सीधे नीचे गिरीं। नीता, श्याम और अमृता उन्हें लेकर कूपर अस्पताल ले गए, लेकिन दिव्या को नहीं बचाया जा सका। कुछ ने इसे आत्महत्या बताया और कुछ ने साजिश। पर कुछ भी साबित नहीं हो सका। दिव्या की मौत के बाद तीन फिल्में ‘रंग’, ‘शतरंज’ और ‘थोलि मुद्धू’ रिलीज हुई, जिसमें रंग सुपरहिट रही थी।

5 अप्रैल को देश-विदेश में हुई अन्य प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं-

  • 2008 में पार्वती ओमनाकुट्टन फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड बनीं।
  • 1998 में जापान में अकाशी कायक्यो ब्रिज पर ट्रैफिक शुरू हुआ। यह सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज है, जिसकी लंबाई 1991 मीटर (6,532 फीट) है।
  • 1986 में वेस्ट बर्लिन में ला बेले नाइट क्लब में बम विस्फोट हुआ, इसमें 3 लोग मारे गए। इस क्लब में अमेरिकी सैनिकों का आना-जाना था। लीबिया सीक्रेट सर्विस पर शक हुआ और बदले में अमेरिका ने लीबिया में 15 लोगों को मार गिराया।
  • 1979 में देश का पहला नौसेना संग्रहालय मुम्बई में खुला।
  • 1964 में नौसेना ने पहली बार राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया।
  • 1957 में देश में पहली बार और दुनिया में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से केरल में संपन्न चुनाव के बाद कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आई और ईएमएस नम्बूदरीपाद ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।
  • 1955 में विंस्टन चर्चिल ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया। अमेरिका, ब्रिटेन और सोवियन यूनियन को नाजी जर्मनी के खिलाफ एकजुट करने में चर्चिल का योगदान महत्वपूर्ण रहा था।
  • 1949 में भारत स्काउट एंड गाइड की स्थापना हुई।
  • 1930 में महात्मा गांधी अपने अनुयायियों के साथ नमक कानून तोड़ने दांडी पहुंचे।

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